माँ चंद्रघंटा की कृपा से होंगे हर संकट दूर, जानें उनकी महिमा और पूजन विधि | Maa Chandraghanta kee krpa se honge har sankat door, jaanen unakee mahima aur poojan vidhi
माँ चंद्रघंटा की कृपा से होंगे हर संकट दूर, जानें उनकी महिमा और पूजन विधि
नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा करने से हर संकट दूर होता है और भक्तों को साहस व शक्ति प्राप्त होती है। उनकी पूजा विधि में स्नान, स्वच्छ वस्त्र धारण करना, आसन पर बैठना, गंगाजल से स्नान, अक्षत, सिंदूर, लाल चंदन, फूल, दुर्गा सप्तशती और चालीसा का पाठ करना शामिल है।
माँ चंद्रघंटा की महिमा
साहस और शक्ति प्रदान करती हैं: माँ चंद्रघंटा भक्तों को भय से मुक्ति और अपार साहस प्रदान करती हैं।
कष्टों का निवारण: उनकी आराधना से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में आ रही बाधाएँ समाप्त हो जाती हैं।
पापों से मुक्ति: माँ चंद्रघंटा की कृपा से साधक को समस्त पापों से मुक्ति मिल जाती है।
मानसिक शांति: माँ चंद्रघंटा की आराधना से भक्तों को मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त होती है।
प्रेतबाधा से रक्षा: इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों को प्रेतबाधा से रक्षा करती है।
माँ चंद्रघंटा की पूजा विधि
सुबह जल्दी उठें: सूर्योदय से पहले उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें।
कलश की पूजा: यदि आपने कलश स्थापित किया है, तो उसकी विधिवत पूजा करें।
माँ को स्नान कराएं: गंगाजल से माँ चंद्रघंटा को स्नान कराएं।
वस्त्र और श्रृंगार: माता को वस्त्र अर्पित करें और उनका श्रृंगार करें।
अक्षत, सिंदूर, फूल आदि अर्पित करें: माता को अक्षत, सिंदूर, कुमकुम, फूल, माला, धूप, दीप, नैवेद्य, फल आदि चढ़ाएं।
भोग लगाएं: माँ को केसर की खीर या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
मंत्रों का जाप करें: माँ के मंत्रों का जाप करें।
दुर्गा सप्तशती और चालीसा का पाठ करें।
आरती करें और भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें।
भोग में मिसरी और पेड़े अर्पित करें।
लाल रंग के वस्त्र पहनें: पूजा के समय लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
माँ चंद्रघंटा के मंत्र
- "पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।प्रसादं तनुते महयं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥"
- "वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्धकृत शेखरम्।सिंहारूढा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥"
- "मणिपुर स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्।रंग, गदा, त्रिशूल, चापचर, पदम् कमण्डलु माला वराभीतकराम्॥"
माँ चंद्रघंटा को प्रिय वस्तुएँ
कमल का फूल: माँ चंद्रघंटा को कमल का फूल अति प्रिय है।
दूध और दूध से बनी मिठाई: दूध और इससे बने व्यंजन कल्याणकारी माने जाते हैं।
केसर की खीर: माँ को केसर की खीर अर्पित करना शुभ माना जाता है।
लाल रंग: माँ को लाल रंग अति प्रिय है।
शहद: माँ चंद्रघंटा को शहद का भोग भी लगाया जाता है।
माँ चंद्रघंटा की उपासना करने से जीवन में समस्त प्रकार के भय, बाधाओं और कष्टों का नाश होता है। उनकी कृपा से साधक को अपार शक्ति, आत्मविश्वास, सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।
टिप्पणियाँ