जनिये प्रदोष व्रत 2024 महत्वपूर्ण जानकारी प्रदोष व्रत क्या है प्रदोष व्रत की सूची
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (भौम प्रदोष व्रत)
मंगलवार, 23 जनवरी 2024
प्रदोष व्रत आरंभ: 22 जनवरी 2024 को शाम 07:52 बजे
प्रदोष व्रत समाप्त: 23 जनवरी 2024 को रात्रि 08:39 बजे
प्रदोष व्रत क्यों रखा जाता है Why is Pradosh Vrat observed
यह व्रत भगवान शिवजी के लिए किया जाता है यह व्रत रखने से भगवान शिव पार्वती हमारी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं और दोस्तों हम आपको यह बताना चाहेंगे कि यह व्रत सबसे पहले चंद्रमा ने किया था इस दिन संध्या काल में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से हमारी हर मनोकामना पूर्ण होती है और इस व्रत को करने से भगवान शिव और पार्वती का सदैव आशीर्वाद हमें प्राप्त होता है और इस व्रत को करने से ऐसा भी माना जाता है कि 100 गायों के दान के बराबर का पुण्य फल हमें प्राप्त होता है और दोस्तों इस व्रत को रखने से हमारे दांपत्य जीवन में सुख समृद्धि भी आती है पति पत्नी के संबंध मधुर होते हैं।
शुभ मुहूर्त auspicious time
पंचांग के मुताबिक, त्रयोदशी तिथि 8 जनवरी को रात 11 बजकर 58 मिनट पर शुरू हुई थी और 9 जनवरी को रात 10 बजकर 24 मिनट पर खत्म हुई. वहीं, 22 जनवरी 2024 को पौष महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रात 7 बजकर 51 मिनट पर शुरू हुई और 23 जनवरी को रात 8 बजकर 39 मिनट पर खत्म हुई. इसलिए, 23 जनवरी 2024 को प्रदोष व्रत रखा जाएगा
महत्वपूर्ण जानकारी important information
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (भौम प्रदोष व्रत)
मंगलवार, 23 जनवरी 2024
प्रदोष व्रत आरंभ: 22 जनवरी 2024 को शाम 07:52 बजे
प्रदोष व्रत समाप्त: 23 जनवरी 2024 को रात्रि 08:39 बजे
ऐसा भी माना जाता है कि इस व्रत को करने से न केवल पति पत्नी के संबंध मधुर होते हैं बल्कि आपके घर परिवार आपके कुटुंब में भी सुख समृद्धि बढ़ने लगती है कहने का तात्पर्य है कि आप इस व्रत को करते हैं तो आपके परिवार में जो क्लेश का माहौल बना रहता है ईशा बनी रहती है भेदभाव रहता है तो इस व्रत को करने से यह सब समाप्त होकर सुख समृद्धि आ जाती है और सबसे ज्यादा यह व्रत पति पत्नी और बेटे के रिश्ते को मधुर बनाने में खुशियां लाने में ज्यादा महत्व रखता है इसलिए हमें इस व्रत को करना चाहिए ताकि हमारे घर परिवार में सुख समृद्धि और भगवान शिव की कृपा और उनका आशीर्वाद हमेशा हम सब पर बना रहे।
प्रदोष व्रत क्या है What is Pradosh Vrat
हिंदू धर्म में कई व्रतों का विधान है उन्हीं व्रतों में से एक प्रदोष व्रत होता है आखिर प्रदोष व्रत होता क्या है जिस प्रकार एकादशी मै भगवान विष्णु की पूजा की जाती है उसी प्रकार भगवान शंकर को खुश करने के लिए प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत में भगवान शंकर की पूजा की जाती है त्रयोदशी वाले दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है जिस प्रकार महीने में दो एकादशी पड़ती है उसी प्रकार महीने में दो त्रयोदशी आती हैं एक शुक्ल पक्ष की एक कृष्ण पक्ष की और उन दोनों ही दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और उस व्रत को प्रदोष व्रत कहा जाता है प्रदोष क्या है प्रदोष का सही अर्थ है वह समय जब सूर्योदय से 45 मिनट पहले और सूर्य अस्त से 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है उसी बीच के समय को प्रदोष कहा जाता है और उसी समय भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है यह व्रत बहुत ही ज्यादा फलदाई होता है इस व्रत को करने से भगवान शिव सदैव अपने भक्तों पर अपना आशीर्वाद अपनी कृपा बनाए रखते हैं
प्रदोष व्रत की सूची list of pradosh vrat
- 09 जनवरी 2024मंगलवार
- 23 जनवरी 2024मंगलवार
- 08 फरवरी 2024गुरुवार
- 22 फरवरी 2024गुरुवार
- 08 मार्च 2024शुक्रवार
- 22 मार्च 2024शुक्रवार
- 23 मार्च 2024शनिवार
- 07 अप्रैल 2024रविवार
- 21 अप्रैल 2024रविवार
- 06 मई 2024सोमवार
- 21 मई 2024मंगलवार
- 04 जून 2024 मंगलवार
- 20 जून 2024 गुरुवार
- 04 जुलाई 2024गुरुवार
- 19 जुलाई 2024शुक्रवार
- 02 अगस्त 2024शुक्रवार
- 17 अगस्त 2024शनिवार
- 31 अगस्त 2024शनिवार
- 16 सितम्बर 2024सोमवार
- 30 सितम्बर 2024सोमवार
- 15 अक्तूबर 2024मंगलवार
- 30 अक्तूबर 2024बुधवार
- 14 नवम्बर 2024गुरुवार
- 28 नवम्बर 2024गुरुवार
- 29 नवम्बर 2024शुक्रवार
- 13 दिसम्बर 2024शुक्रवार
- 28 दिसम्बर 2024शनिवार
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